Patthar Shayari - Sakht Dil, Narm Ehsaas

Patthar dil bhi kisi ek sparsh se pighal sakta hai.

Patthar Shayari - Jab Dil Pathrila Ho Jaaye

बार-बार टूटने के बाद दिल पत्थर जैसा सख़्त हो जाता है, फिर भी कहीं न कहीं यह उम्मीद बाक़ी रहती है कि कोई उसे छूकर फिर से नरम कर देगा - patthar shayari इसी सख़्ती और नरमी के बीच झूलती है। हाथों की गर्माहट से जुड़ी बातों के लिए Haath शायरी भी पढ़ें।


यह सख़्ती कभी दिल की गहराई में दिखती है तो कभी हम सबके साझा अनुभव में, इसलिए Dil और Ham शायरी भी देखें।