- Gam
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- Mar 31, 2021
Pareshaan Shayari
Har pareshani ko lafzon mein utarti shayari
Kabhi kisi apne ki bewajah khamoshi pareshan karti hai, kabhi khud ki fikar neend uda deti hai — yeh pareshaan shayari usi uljhan ko seedhe dil se bayan karti hai. Isi dard ko aur karib se jaanne ke liye Dil bhi padhein.
- Last Updated on Aug 11, 2026
आरज़ू वस्ल की रखती है परेशाँ क्या क्या,
- Mar 28, 2019
मिल जाता है दो पल का सुकूंन चंद यारों की बंदगी में,
वरना परेशां कौन नहीं अपनी-अपनी ज़िंदगी में !!
- Hindi
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- Oct 12, 2018
नाजुक मिजाज हूँ कुछ, कुछ दिल से भी हूँ परेशाँ,
पायल पहन के पांव में मै छमछम से डर गई।
- Hindi
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- Jun 16, 2018
ये सहारा जो न हो तो परेशां हो जाए
मुश्किलें जान ही लेले अगर आसान हो जाए
ये कुछ लोग फरिस्तों से बने फिरते हैं
मेरे हत्थे कभी चढ़ जाये तो इन्सां हो जाए
- Hindi
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- May 12, 2018
परवाह करने की आदत ने तो परेशां कर दिया...
गर बेपरवाह होते तो सुकून-ए-ज़िंदगी में होते...!!
- Bepannah
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- Mar 06, 2017
ज़रुरत भर का तो खुदा, सबको देता है;
परेशां है लोग इस वास्ते कि, बेपनाह मिले!