किसी ने नहीं बताया कि पच्चीस की उम्र में ज़िंदगी अचानक इम्तिहान बन जाएगी, जिसकी तैयारी कभी की ही नहीं।

किसी ने नहीं बताया कि पच्चीस की उम्र में ज़िंदगी अचानक इम्तिहान बन जाएगी, जिसकी तैयारी कभी की ही नहीं।

किसी ने नहीं बताया कि पच्चीस की उम्र में ज़िंदगी अचानक इम्तिहान बन जाएगी, जिसकी तैयारी कभी की ही नहीं।


Kisi ne nahin bataya ki pachchees ki umar mein zindagi achanak imtihaan ban jaayegi, jiski taiyaari kabhi ki hi nahin.