बड़ा होना एक झटके में नहीं होता, ये सौ छोटे-छोटे डर हैं जिन्हें हम 'सब ठीक है' कहकर छुपाते हैं।

बड़ा होना एक झटके में नहीं होता, ये सौ छोटे-छोटे डर हैं जिन्हें हम 'सब ठीक है' कहकर छुपाते हैं।

बड़ा होना एक झटके में नहीं होता, ये सौ छोटे-छोटे डर हैं जिन्हें हम 'सब ठीक है' कहकर छुपाते हैं।


Bada hona ek jhatke mein nahin hota, ye sau chhote-chhote dar hain jinhein hum 'sab theek hai' kehkar chhupaate hain.