- Meri
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- Apr 12, 2019
Munawwar Rana Shayari
Munawwar Rana's Shayari - Read, Save and Share
A curated collection of shayari by Munawwar Rana, Poet, Write, explore verses that capture Munawwar Rana's distinct voice.
- Last Updated on Aug 11, 2026
मिरे बच्चों में सारी आदतें मौजूद हैं मेरी,
- Dar
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- Jul 06, 2018
बुज़ुर्गों का मेरे दिल से अभी तक डर नहीं जाता
कि जब तक जागती रहती है माँ मैं घर नहीं जाता
- Chaahat
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- Jul 06, 2018
मैंने कल शब चाहतों की सब किताबें फाड़ दीं
सिर्फ़ इक काग़ज़ पे लिक्खा लफ़्ज़—ए—माँ रहने दिया
- Maa
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- Jul 06, 2018
मुक़द्दस मुस्कुराहट माँ के होंठों पर लरज़ती है
किसी बच्चे का जब पहला सिपारा ख़त्म होता है
- Ham
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- Jul 05, 2018
पहले ये काम बड़े प्यार से माँ करती थी,
अब हमें धुप जगाती है तो दुःख होता है !
उम्र माँ की कभी बेटे से ना पूछी जाए,
माँ तो जब छोड़ के जाती है तो दुःख होता !
- Hindi
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- Jul 05, 2018
दावर-ए-हश्र तुझे मेरी इबादत की कसम
ये मेरा नाम-ए-आमाल इज़ाफी होगा
नेकियां गिनने की नौबत ही नहीं आएगी
मैंने जो मां पर लिक्खा है, वही काफी होगा
- Bhaiya Dooj
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- Jun 21, 2018