- Dil
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- Sep 20, 2018
Muharram Shayari
Verses of Karbala, sacrifice, and remembrance.
These Muharram shayari verses carry the grief and faith of Karbala - lines remembering Imam Hussain's sacrifice and the courage shown against all odds. Share condolence messages from our Wishes page.
- Last Updated on Aug 11, 2026
कुछ बेरहमी है ज़रा इस नूर-ऐ-ऐन मैं,
- Karbala
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- Sep 16, 2018
करीब अल्लाह के आओ तो कोई बात बने,
ईमान फिर से जगाओ तो कोई बात बने !!
लहू जो बह गया कर्बला में,
उनके मकसद को समझो तो कोई बात बने !!
- Khwab
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- Sep 14, 2018
आंखों को कोई ख्वाब तो दिखायी दे,
ताबीर में इमाम का जलवा दिखायी दे,
ए! इब्न-ऐ-मुर्तजा,
सूरज भी एक छोटा सा जरा दिखायी दे।
- Ham
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- Sep 12, 2018
दश्त ए बाला को अर्श का जीना बना दिया
दश्त-ए-बाला को अर्श का ज़ीना बाना दिया जंगल को मुहम्मद का मदीना बन्ना दीया
हर ज़र्रे को नजफ का नगीना बना दिया हुसैन तुम ने मरने को जीना बना दिया
- Maut
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- Sep 11, 2018
शमशेर से मोला ने कहा चला मगर ऐसे
हो ख़ैबर-ओ-खंडक मैं भी हाल चाल मगर ऐसे
इस मेह्दान में रहे मौत की जाल थल मगर ऐसे
इस दश्त मैं रहे खून की दलदल ऐसे
तू जिस पे उत्तर गए मैं उस का वाली हूँ
वोह सिर्फ अली था मैं हुसैन इब्न ए अली हूँ
- Karbala
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- Sep 10, 2018
इश्क मैं किया लुटिया इश्क मैं किया बेचेन
अल ए नबी ने लिख दिया सारा नसीब रीत पर
कर्बला को कर्बला के शहंशाह पर नाज़ है
उस नवासे पर मुहम्मद मुस्तफा को नाज़ है
यूँ तू लाकोउन सजदे के मुखुक ने मगर
हुसैन ने वो सजदा किया जिस पर खुदा को नाज़ है
- Ghar
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- Sep 07, 2018
वो जिस ने अपने नाना का वडा के दिया,
घर का घर सुपर्द-इ-खुदा कर दिया !!
नोश कर लिए जिस ने शहादत का जाम,
ए हुसैन इब्ने-अली पर पर सल लखम !!
- Karbala
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- Sep 06, 2018