- Bura
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- Dec 10, 2020
Kisaan Shayari
Shayari that honors the quiet work of a farmer's life
This kisaan collection treats the farmer as a warrior fighting hunger and poverty with a smile, sowing hope into fields that don't always return it fairly. Read on into Bhookh shayari for the hunger these lines circle back to.
- Last Updated on Aug 11, 2026
खाट पर लेटा हूँ,
- Apne
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- Dec 09, 2020
मैं किसान हूँ मुझे भरोसा हैं अपने जूनून पर
निगाहे लगी हुई है आसमान के मानसून पर.
- Beimaan
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- Dec 09, 2020
कहाँ छुपा के रख दूँ मैं अपने हिस्से की शराफ़त,
जिधर भी देखता हूँ उधर बेईमान खड़े हैं,
क्या खूब तरक्की कर रहा हैं अब देश देखिये,
खेतो में बिल्डर और सड़को पर किसान खड़े हैं.
- Farmer's Day
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- Dec 08, 2020
किस लोभ से “किसान” आज भी, लेते नही विश्राम हैं,
घनघोर वर्षा में भी करते निरंतर काम हैं.
- Farmer's Day
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- Dec 07, 2020
चीर के जमीन को, मैं उम्मीद बोता हूँ…
मैं किसान हूँ, चैन से कहाँ सोता हूँ…
- Farmer's Day
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- Dec 07, 2020
किसान की समस्या खत्म नही होती,
नेताओ के पास पैकेज अस्सी हैं,
अंत में समस्या खत्म करने के लिए,
किसान चुनता रस्सी हैं.
- Bhookh
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- Dec 03, 2020
एक ईमानदार किसान को डरे सहमे हुए देखा है,
मेहनत करने के बावजूद भूख से लड़ते हुए देखा है,
- Akhbar
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- Dec 02, 2020
मुफ़्त की कोई चीज बाजार में नहीं मिलती,
किसान के मरने की सुर्खियां अखबार में नहीं मिलती।
- Man
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- Dec 01, 2020