Khel Shayari - Haar Ho Ya Jeet, Khel Jaari Hai

Zindagi ka khel aisa hai ki haarna bhi seekhna padta hai.

Khel Shayari - Haar Jeet Ka Naya Rang

जीत-हार का हिसाब लगाए बिना बस एक बार खुलकर मैदान में उतर जाने का जज़्बा - यह शायरी ज़िंदगी और नसीब के इसी खेल को बड़ी सहजता से बयान करती है। दिल पर खेले गए इस खेल को Dil शायरी में और पढ़ें।


कभी इश्क़ को मज़ाक समझ लिया जाता है तो कभी नसीब खुद खेल-खेल में सब कुछ बदल देता है - इसी हार-जीत के भाव को Haar और Ham शायरी में पढ़ें।