- Roti
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- Aug 27, 2025
Gareeb Shayari
Sapno aur haqiqat ke beech, ek gareeb ki roz ki ladai.
Kai sher un logon ki khamoshi bayan karte hain jo mehnat karke bhi do waqt ki roti ke liye jhoolte rehte hain, amiri-gareebi ka farq sirf paison ka nahi hota. Dil chhoo lene wali Dil Shayari bhi is safar mein saath degi.
- Last Updated on Aug 11, 2026
जो गरीब की थाली में रोटी लाए,
- Kaash
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- Dec 09, 2021
काश! खुशियों की गंगा कभी गरीबों की बसती में आये,
जिन्हें मुस्कुरायें सदियाँ हो गई वो थोड़ा सा मुस्कुराये.
- Door
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- Dec 09, 2021
अगर दिल्ली की अमीरी और गरीबी
से दूर उसकी असलियत देखनी है,
तो दिल्ल्ली की बसों की
आखिरी सीट पर बैठ कर देखों.
- Samosa
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- Dec 09, 2021
कड़ाही से निकला अभी-अभी उफ़्फ़ ये कातिल समोसा,
अमीर-गरीब सबकी खुशियों में शामिल समोसा.
- Momos
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- Dec 09, 2021
लाल तीखी चटनी के साथ उफ़्फ़
ये कातिल गरमा-गरम मोमोज़,
अमीर हो या गरीब सबके खुशियों में
शामिल गरमा-गरम मोमोज़।
- Bhala
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- Dec 09, 2021
काश!!! भारत और चीन में युद्ध होता और
चीन वाले मोमोज फेंक कर मारते हमे और
हम उन्हें समोसा फेंक कर मारते। सोचों गरीब
जनता का कितना भला होता।
- Hindi
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- Dec 09, 2021
कितना भी कमा लो फिर भी गरीबी नजर आती है,
जिंदगी में ऐश तो सिर्फ बाप के ही कैश से होता है.
- Sad
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- Oct 26, 2021
दिल अमीर था मगर मुकद्दर गरीब था,
मिलकर बिछड़ना तो हमारा नसीब था,
हम चाह कर भी कुछ कर न सके,
घर जलता रहा और समंदर करीब था।
- Election
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- Sep 23, 2021
आप भी सुनिए नेता जी क्या-क्या कह रहे हैं,
दौरे तरक्की में भी दर्द गरीब ही सह रहे हैं !!
- Desh
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- Aug 20, 2021