- Kaash
- |
- Jan 06, 2022
Fursat Shayari
Fursat mile to hi pata chalta hai kaun yaad aata hai.
Fursat shayari zindagi ki bhaag-daud mein khoye un palon ko yaad dilati hai jo hum kisi apne ke saath bitana chahte the - December ki dhoop mein baithne jaisi chhoti-chhoti khushiyan.
- Last Updated on Aug 11, 2026
काश उनको कभी फुरसत में ये ख्याल आ जाये
- Ishq
- |
- Jul 12, 2019
बड़ी मशरूफ रहती है आशिको की जिंदगी...
फुरसत में भी वो इश्क़ का ख्वाब बुनते रहते है...!!
- Ham
- |
- Jul 23, 2018
थोड़ी-सी फुरसतें ढूँढ लाते हैं चलो,
कुछ तुम्हारे लिए, कुछ मेरे लिए, कुछ हमारे लिए...!!
- Ham
- |
- Jul 22, 2018
एक बुलावा मौत का क्या आया झट से चल पड़े उठ कर,
कहाँ तो रोज़ कहते थे.....हमें फ़ुरसत ही नहीं मिलती
- Haath
- |
- Jul 22, 2018
तुझे नही है अभी फ़ुरसत -ए - क़रम तो ना सही
थके नही हैं अभी मेरे हाथ भी दुआ करते करते ..!!
- Dil
- |
- Feb 02, 2017
फूल पे सरसों के थोड़े दिन अभी रुकना, बसंत...
शहर दे फुरसत तो दिल तुझसे लगाने आएंगे...!!
- Hindi
- |
- Jan 18, 2017
तुम्हें गैरों से कब फुरसत, मैं अपने गम से कब खाली,
चलो बस हो चुका मिलना, न तुम खाली, न मैं खाली!!
- 31st December
- |
- Jan 06, 2017
आओ कुछ देर " दिसम्बर " की धूप में बैठें
ये फुरसत शायद अगले साल फिर ना मिले..!
- Ras
- |
- Oct 22, 2016
मंजिल पर पहुंचकर लिखूंगा मैं इन रास्तों की मुश्किलों का जिक्र...
अभी तो बस आगे बढ़ने से ही फुरसत नही..
- Hindi
- |
- Oct 21, 2016
बहुत मसरुफ हो तुम भी बहुत मसरूफ है हम भी...
तुम्हें खुद से नही फुरसत और हमें तुमसे नही फुरसत...!!
- Ham
- |
- Oct 19, 2016