- Ginti
- |
- Jan 26, 2017
Dum Shayari - Jab Tak Dum, Tab Tak Hausla
Na sar jhuka hai, na jhukega - yahi hai dum shayari ka andaaz.
अपनी शर्तों पर जीने के हौसले और झुके बिना डटे रहने के जज़्बे के इर्द-गिर्द बुनी dum shayari हर हाल में हिम्मत बनाए रखने की बात करती है। गहरी सोच से जुड़ी Anmol Vachan भी पढ़ें।
- Last Updated on Aug 11, 2026
अब न उठना सरहाने से मेरे...
- Aadmi
- |
- Jan 24, 2017
देखा है आदमी को आदमी के काम आते हुये..
जाने कैसे फसादों में भगवान और ख़ुदा आ जाता है....
- Aadmi
- |
- Jan 18, 2017
आदमी ही आदमी का रास्ता काट रहा है भैया. . .
बिल्लियाँ तो बेचारी बेरोज़गार बैठी है आजकल. .
- Apne
- |
- Jan 07, 2017
ज़िंदगी है अपने क़ब्ज़े में न अपने बस में मौत...
आदमी मजबूर है और किस क़दर मजबूर है...!!
- Ham
- |
- Jan 07, 2017