- Dard-bhari
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- Mar 04, 2017
Dava Shayari
Dard ho ya khushi, kabhi wajah khud hi dava ban jaati hai.
Kuch dard aise hote hain jinki dava kismat mein hi nahi likhi hoti, aur kuch waqt khud dawai ban jaata hai, yeh shayari isi kashmakash ko shabdon mein dhalti hai. Dard se judi Dard-bhari Shayari bhi is safar mein saath degi.
- Last Updated on Aug 11, 2026
नाकाम हो जाता है हर दर्द यहाँ,
- Dil
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- Jan 10, 2017
ताबींजो मे क्या पू़ंछू इलाज दर्द -ए -दिल का...
मंर्जं जब ज़िंदगी खुद हो तो "दुआ" कैसी "दवा" कैसी !!
- Koshish
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- Nov 05, 2016
ना कर तू इतनी कोशिशे, मेरे दर्द को समझने की !!
तू पहले इश्क़ कर, फिर चोट खा, फिर लिख दवा मेरे दर्द की !!
- Marz
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- Nov 02, 2016
हर मर्ज़ का इलाज़ मिलता था उस बाज़ार में,
मोहब्बत का नाम लिया दवाख़ाने बन्द हो गये |
- Rang
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- Oct 21, 2016
गलत कहते है लोग की सफेद रंग मै वफा होती है यारो,
अगर ऐसा होता तो आज “नमक”, जख्मो की दवा होती!
- Marz
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- Oct 21, 2016
जिंदगी ने मेरे मर्ज़ का एक क़ारगर इलाज़ बताया...
वक्त को दवा कहा और ख्वाहिशों को परहेज बताया...!!
- Mar
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- Oct 19, 2016
जिंदगी ने मेरे मर्ज का एक इलाज बताया था
वक्त को दवा और ख्वाहिशों का परहेज बताया था…!!