- Fareb
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- Mar 04, 2017
Daur Shayari
Shayari on what this era has quietly changed
These daur lines take stock of what this era has quietly lost — love that used to be reckless is now weighed carefully, and even grown children have less time for the parents who raised them. Read more on today's mood in Aaj shayari.
- Last Updated on Aug 11, 2026
कितने फरेबी है, इस दौर के जुगनू भी ;
- Gaay
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- Feb 03, 2017
ये मिलावट का दौर हैं "साहब"..यहा
इल्जाम लगायें जाते हैं तारिफों के लिबास में..।।
- Akele
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- Jan 25, 2017
फिर वही पल वही लम्हे फिर वही दौर है....
फिर वही हम अकेले फिर उनके साथ कोई ओर है...
- Ham
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- Jan 24, 2017
बाँधा तो था हमने भी,एक धागा उनके नाम का.....
पर वो भी कच्चा निकला,मिलावट के इस दौर मे !
- Khat
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- Oct 21, 2016
दौर वह आया है कातिल की सज़ा कोई नहीं...
हर सज़ा उसके लिए है, जिसकी खता कोई नहीं...!!
- Bahan
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- Oct 21, 2016
ना बहने दे ज़ज़्बातों को बेवफाई के दौर में...
ये वो सिक्के है जो हर दौर में फेंके गये हैं...!!
- Gira
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- Oct 21, 2016