- Ham
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- Jan 15, 2018
Dar Shayari
Kisi ke liye andhera dar hai, kisi ke liye sukoon.
Kisi ke liye tanhai dar hai, kisi ke liye sukoon bhara waqt, yeh shayari dar ke alag-alag rangon ko dikhati hai, khauf se lekar usse jeetne ki himmat tak. Isi soch ko Anmol Vachan mein vistaar se padhein.
- Last Updated on Aug 11, 2026
इस वतन के रखवाले हैं हम
- Chup
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- Jul 14, 2017
गालियाँ देने से कोई ताक़तवर नहीं बन जाता...
और चुप रहने से कोई डरपोक नहीं बन जाता...!!
- Maut
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- Apr 02, 2017
किसी कहने वाले ने भी क्या खूब कहा है कि,
मेरी ज़िन्दगी इतनी प्यारी नहीं की मैं मौत से डरूं...
- Aaj
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- Mar 28, 2017
उनको डर है कि हम उन के लिए जान नही दे सकते,
और मुझे खोफ़ है कि वो रोएंगे बहुत मुझे आज़माने के बाद..
- Log
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- Mar 06, 2017
मुझे लोगों के छुपे हुए चेहरो से,
बहुत डर लगता है !!
- Bikhar
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- Mar 03, 2017
कांच के टुकड़े बन कर.. बिखर गयी जिंदगी मेरी ,
किसी ने समेटा ही नहीं हाथ जख्मी होने के डर से
- Daam
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- Jan 30, 2017