- Khud
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- Dec 08, 2021
Daag Shayari
Kuch daag waqt bhi nahi mitata.
Daag shayari plays with the word two ways, a personal one about staying blameless in a world quick to judge, and a historical one about the deep mark colonial rule left, now spoken of with pride that it's gone. Read more in Achchha shayari.
- Last Updated on Aug 11, 2026
हर नजर में मुमकिन नहीं है बे-गुनाह रहना,
- Desh
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- Jan 09, 2021
बड़ा ही गहरा दाग़ है यारों जिसका ग़ुलामी नाम है,
उसका जीना भी क्या जीना जिसका देश ग़ुलाम है |
- Ghulam
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- Nov 25, 2020
गुलामी के दाग हटाना कोई पाप नही,
हमे #गर्व है मन मे कोई पश्चाताप नही !!
#शोर्यदिवस🚩
- Diya
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- Jul 12, 2018
जिन्दगी के पन्ने कोरे ही अच्छे थे,
तुमने सपनो की सिहाई बिखेर कर दाग दाग कर दिया।
- Dost
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- Jun 27, 2018
खुदा जब दोस्त है ऐ दाग, क्या दुश्मन से अंदेशा
हमारा कुछ किसी की दुश्मनी से हो नहीं सकता
- Chaadar
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- May 22, 2018
महफूज़ रख, बेदाग रख, मैली ना कर जिंदगी,
मिलती नहीं इंसान को किरदार की चादर नई।
- Bura
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- Jan 07, 2017