- Oct 03, 2018
Aziz Lakhnavi Shayari
Aziz Lakhnavi's Shayari - Read, Save and Share
A curated collection of shayari by Aziz Lakhnavi, Poet, explore verses that capture Aziz Lakhnavi's distinct voice.
- Last Updated on Aug 11, 2026
झूठे वादों पर थी अपनी जिन्दगी
- Apne
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- Sep 27, 2018
खुदा का काम है यूँ तो मरीजों को शिफा* देना
मुनासिब हो तो इक दिन हाथों से अपने दवा देना
*शिफा = रोगमुक्ति
- Dil
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- Sep 23, 2018
दिल समझता था कि ख़ल्वत* में वो तन्हा होंगे
मैं ने पर्दा जो उठाया तो क़यामत निकली
* खल्वत = एकांत
- Sep 21, 2018
कफस* में जी नहीं लगता है, आह फिर भी मेरा
यह जानता हूँ कि तिनका भी आशियाँ में नहीं
*कफस = पिंजरा, कारागार
- Bhool
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- Sep 17, 2018
अपने मरकज़* की तरफ माइल-ए-परवाज़* था हुस्न
भूलता ही नहीं आलम तिरी अंगड़ाई का
* मरकज़ = केंद्र
* माइल-ए-परवाज़ = उड़ान भरने के लिए झुकना
- Dum
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- Sep 15, 2018
उनको सोते हुए देखा था दमे-सुबह* कभी
क्या बताऊं जो इन आंखों ने समां देखा था
*दमे-सुबह = सुबह के वक्त
- Dost
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- Sep 09, 2018
इतना तो सोच जालिम जौरो-जफा* से पहले
यह रस्म दोस्ती की दुनिया से उठ जायेगी
*जौरो-जफा – अत्याचार, अन्याय, जुल्मो-सितम
- Mar
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- Sep 07, 2018