मै आज भी तुझे वैसा ही चाहता हूँ जैसे

मै आज भी तुझे वैसा ही चाहता हूँ जैसे

मै आज भी तुझे वैसा ही चाहता हूँ जैसे

मै आज भी तुझे वैसा ही चाहता हूँ जैसे...
सूखा पेड़ कोई बारिश का तलबगार होता है।


Mai aaj bhee tujhe vaisa hee chaahata hoon jaise...
Sookha ped koee baarish ka talabagaar hota hai.