ज़ालिम हो चूका है युग,

ज़ालिम हो चूका है युग,

ज़ालिम हो चूका है युग,
न फ़िक्र किसी है अपनों की;
कलयुग पापी ज़माने में,
कतल हो रही हर सपनों की !!


Zalim Ho Chuka Hai Yug,
Na Fikr Kisi Hai Apno Ki;
Kalyoug Papi Zamane Me,
Katal Ho Rhi Har Sapnon Ki !!