ज़र्रों मे रहगुजर के चमक छोड़ जाऊँगा

ज़र्रों मे रहगुजर के चमक छोड़ जाऊँगा

ज़र्रों मे रहगुजर के चमक छोड़ जाऊँगा,
पहचान अपनी दूर तलक छोड़ जाऊँगा,
खामोशियों की मौत गंवारा नहीं मुझे,
शीशा हूँ टूटकर भी खनक छोड़ जाऊँगा।


Zarron Mein RahGujar Ke Chamak Chhod Jaaunga,
Pehchan Apni Dur Talak Chhod Jaaunga.
Khamoshiyon Ki Maut Ganwara Nahi Mujhe,
Sheesha Hoon Toot Kar Bhi Khanak Chhod Jaunga.