हुई है शाम तो आँखों में बस गया फ़िर तू

हुई है शाम तो आँखों में बस गया फ़िर तू

हुई है शाम तो आँखों में बस गया फ़िर तू,
कहाँ गया है मेरे शहर के मुसाफ़िर तू


Huee hai shaam to aankhon mein bas gaya fir too,
Kahaan gaya hai mere shahar ke musaafir too