हम से बिछड़ के उस का तकब्बुर बिखर गया फ़राज़ Pradeep / Aug 11, 2026 हम से बिछड़ के उस का तकब्बुर बिखर गया फ़राज़ हम से बिछड़ के उस का तकब्बुर* बिखर गया फ़राज़ हर एक से मिल रहा है बड़ी आजज़ी* के साथ Ham se bichhad ke us ka takabbur* bikhar gaya faraaz Har ek se mil raha hai badee aajazee* ke saath Shayari Ham Shayari Hindi Shayari
किसी का इंतज़ार नहीं करती, अपनी राह खुद बनाती हूँ, गिरूँ तो खुद उठती हूँ, हर मंज़िल खुद पाती हूँ। Sep 24, 2026