हम उन्हें फिर गले लगाएँ क्यों आज़माए को आजमाएँ क्यों

हम उन्हें फिर गले लगाएँ क्यों आज़माए को आजमाएँ क्यों

हम उन्हें फिर गले लगाएँ क्यों आज़माए को आजमाएँ क्यों

हम उन्हें फिर गले लगाएँ क्यों,आज़माए को आजमाएँ क्यों...
हो गया था मुग़ालता इक दिन बार-बार अब फ़रेब खाएँ क्यों...!!


Ham unhen phir gale lagaen kyon,aazamae ko aajamaen kyon...
Ho gaya tha mugaalata ik din baar-baar ab fareb khaen kyon...!!