सैर ए साहिल कर चुके ऐ मौज ए साहिल सर ना मार Rajnish / Aug 11, 2026 सैर ए साहिल कर चुके ऐ मौज ए साहिल सर ना मार सैर-ए-साहिल कर चुके ऐ मौज-ए-साहिल सर ना मार तुझ से क्या बहलेंगे तूफानों के बहलाए हुए Sair-e-saahil kar chuke ai mauj-e-saahil sar na maar Tujh se kya bahalenge toophaanon ke bahalae hue Shayari Hindi Shayari
किसी का इंतज़ार नहीं करती, अपनी राह खुद बनाती हूँ, गिरूँ तो खुद उठती हूँ, हर मंज़िल खुद पाती हूँ। Sep 24, 2026