सूरज रोज़ अब भी बेफ़िज़ूल ही निकलता है Admin / Aug 11, 2026 सूरज रोज़ अब भी बेफ़िज़ूल ही निकलता है सूरज रोज़ अब भी बेफ़िज़ूल ही निकलता है, तुम गए हो जब से , उजाला नहीं हुआ ... Sooraj roz ab bhee befizool hee nikalata hai, Tum gae ho jab se , ujaala nahin hua ... Shayari Sad Shayari Tum Shayari
किसी का इंतज़ार नहीं करती, अपनी राह खुद बनाती हूँ, गिरूँ तो खुद उठती हूँ, हर मंज़िल खुद पाती हूँ। Sep 24, 2026