समजने समजाने मे ही गुजर गई तू Admin / Aug 11, 2026 समजने समजाने मे ही गुजर गई तू समजने समजाने मे ही गुजर गई तू, ए जिन्दगी तूजे एकबार भी जी न पाए हम. Samajane samajaane me hee gujar gaee too, E jindagee tooje ekabaar bhee jee na pae ham. Shayari Ham Shayari Hindi Shayari Zindagi Shayari
किसी का इंतज़ार नहीं करती, अपनी राह खुद बनाती हूँ, गिरूँ तो खुद उठती हूँ, हर मंज़िल खुद पाती हूँ। Sep 24, 2026