सजा है मौसम तुम्हारी महक से आज फिर

सजा है मौसम तुम्हारी महक से आज फिर

सजा है मौसम तुम्हारी महक से आज फिर,
लगता है हवायें तुम्हें छू कर आयी हैं।


Sajaa Hai Mausam Tumhari Mahek Se Aaj Phir,
Lagta Hai Hawaayein Tumhein Chhoo Ke Aayi Hain.