शेर-ओ-शायरी तो दिल बहलाने का ज़रिया है जनाब Admin / Aug 11, 2026 शेर-ओ-शायरी तो दिल बहलाने का ज़रिया है जनाब शेर-ओ-शायरी तो दिल बहलाने का ज़रिया है जनाब, लफ़्ज़ काग़ज़ पर उतारने से महबूब लौटा नहीं करते। Sher-o-Shayari Toh Dil Behlane Ka Jaria Hai Janab, Lafz Kagaj Par Utarne Se Mahboob Lauta Nahi Karte. Shayari Sad Shayari