शायरी शॊक नहीं और ना ही कारोबार मेरा

शायरी शॊक नहीं और ना ही कारोबार मेरा

शायरी शॊक नहीं, और ना ही कारोबार मेरा,
बस दर्द जब सह नहीं पाता, तो लिख लेता हूँ


Shaayaree shok nahin, aur na hee kaarobaar mera,
Bas dard jab sah nahin paata, to likh leta hoon