वो एक ख़त जो उसने कभी लिखा ही नहीं

वो एक ख़त जो उसने कभी लिखा ही नहीं

वो एक ख़त जो उसने कभी लिखा ही नहीं,
मैं रोज बैठ कर उसका जवाब लिखता हूँ।


Woh Ek Khat Jo Usne Kabhi Likha Hi Nahi,
Main Roj Baithh Kar Uska Jawab Likhta Hun.