वो उर्दू का मुसाफ़िर है यही पहचान है उस की Neha / Aug 11, 2026 वो उर्दू का मुसाफ़िर है यही पहचान है उस की वो उर्दू का मुसाफ़िर है यही पहचान है उस की, जिधर से भी गुज़रता है सलीक़ा छोड़ जाता है !! Vo urdoo ka musaafir hai yahee pahachaan hai us kee, Jidhar se bhee guzarata hai saleeqa chhod jaata hai !! Shayari Urdu Shayari