वाह वाह कर के सब दूर हो जाते हे धीरे धीरे

वाह वाह कर के सब दूर हो जाते हे धीरे धीरे

वाह-वाह, कर के सब दूर हो जाते हे धीरे-धीरे,
ये लफ्ज़ कैसे निकलते हे जहन से ,
जानने की तकलीफ कौन करता हे साहब.


Vaah-vaah, kar ke sab door ho jaate he dheere-dheere,
Ye laphz kaise nikalate he jahan se ,
Jaanane kee takaleeph kaun karata he saahab.