रिश्ते आजकल रोटी की तरह हो गए

रिश्ते आजकल रोटी की तरह हो गए

रिश्ते, आजकल रोटी की तरह हो गए..
ज़रा सी आँच तेज़ क्या हुई, जल भुनकर खाक हो गए...!!


Rishte, aajakal rotee kee tarah ho gae..
Zara see aanch tez kya huee, jal bhunakar khaak ho gae...!!