रहम को रहम न आया मुझ पर

रहम को रहम न आया मुझ पर

रहम को रहम न आया मुझ पर

रहम को रहम न आया मुझ पर,
ढोती रही गम का बोरा पीठ पर...!


Raham ko raham na aaya mujh par,
Dhotee rahee gam ka bora peeth par...!