ये मत पूछ एहसास की शिद्दत क्या थी

ये मत पूछ एहसास की शिद्दत क्या थी

ये मत पूछ एहसास की शिद्दत क्या थी,
धूप ऐसी थी कि साये को भी जलते देखा !!


Ye mat poochh ehasaas kee shiddat kya thee,
Dhoop aisee thee ki saaye ko bhee jalate dekha !!