मैं जमींन पर पटरियों की तरह पड़ी रही Admin / Jan 30, 2022 मैं जमींन पर पटरियों की तरह पड़ी रही मैं जमींन पर पटरियों की तरह पड़ी रही। सीने मैं गम गुजरते रहे रेल की तरह Main jameenn par patariyon kee tarah padee rahee. Seene main gam gujarate rahe rel kee tarah Shayari 2 Line Shayari