मेरे लिए किसी क़ातिल का इंतिज़ाम न कर Admin / Aug 11, 2026 मेरे लिए किसी क़ातिल का इंतिज़ाम न कर मेरे लिए किसी क़ातिल का, इंतिज़ाम न कर; करेंगी क़त्ल ख़ुद, अपनी ज़रूरतें मुझको! Mere lie kisee qaatil ka, intizaam na kar; Karengee qatl khud, apanee zarooraten mujhako! Shayari Sad Shayari
किसी का इंतज़ार नहीं करती, अपनी राह खुद बनाती हूँ, गिरूँ तो खुद उठती हूँ, हर मंज़िल खुद पाती हूँ। Sep 24, 2026