मेरे दर्द की हक़ीक़त तुझे क्या बताऊँ ऐ दोस्त

मेरे दर्द की हक़ीक़त तुझे क्या बताऊँ ऐ दोस्त

मेरे दर्द की हक़ीक़त तुझे क्या बताऊँ ऐ दोस्त,
शीशे के ख्वाब थे,आँखों मे ही टूट के चुभ गए !!


Mere dard kee haqeeqat tujhe kya bataoon ai dost,
Sheeshe ke khvaab the,aankhon me hee toot ke chubh gae !!