मेरी शायरी को शोक से पढने वालों कही मुझे आदत ना बना लेना

मेरी शायरी को शोक से पढने वालों कही मुझे आदत ना बना लेना

मेरी शायरी को शोक से पढने वालों कही मुझे आदत ना बना लेना...
मै वो नदी हूँ जो ठहर जाने की ख्वाहिश नहीं रखती...!!


Meree shaayaree ko shok se padhane vaalon kahee mujhe aadat na bana lena...
Mai vo nadee hoon jo thahar jaane kee khvaahish nahin rakhatee...!!