मुमकिन है कि सदियों भी नजर आए न सूरज Admin / Aug 11, 2026 मुमकिन है कि सदियों भी नजर आए न सूरज मुमकिन है कि सदियों भी नजर आए न सूरज, इस बार अंधेरा मेरे अंदर से उठा है। Mumkin Hai Ke Sadiyon Bhi Najar Aaye Na Sooraj, Iss Baar Andhera Mere Andar Se Uthha Hai. Shayari Sad Shayari
किसी का इंतज़ार नहीं करती, अपनी राह खुद बनाती हूँ, गिरूँ तो खुद उठती हूँ, हर मंज़िल खुद पाती हूँ। Sep 24, 2026