मुझसे हरदम ही नाराज़ क्यूं रहती मेरी ख़ुशी

मुझसे हरदम ही नाराज़ क्यूं रहती मेरी ख़ुशी

मुझसे हरदम ही नाराज़ क्यूं रहती मेरी ख़ुशी

मुझसे हरदम ही नाराज़,क्यूं रहती मेरी ख़ुशी,
रिश्ते क्यूं दर्द देके, छीन लेते सदा मेरी ख़ुशी...!


Mujhase haradam hee naaraaz,kyoon rahatee meree khushee,
Rishte kyoon dard deke, chheen lete sada meree khushee...!