मय-कदा है यहाँ सुकूँ से बैठ,

मय-कदा है यहाँ सुकूँ से बैठ,

मय-कदा है यहाँ सुकूँ से बैठ,
कोई आफ़त इधर नहीं आती....!!

अब्दुल हमीद अदम।।


May-kada hai yahaan sukoon se baith,
Koee aafat idhar nahin aatee....!!

Abdul hameed adam..