मत पूछ मेरे जागने की बजह ऐ चांद Admin / Aug 11, 2026 मत पूछ मेरे जागने की बजह ऐ चांद मत पूछ मेरे जागने की बजह ऐ-चांद तेरा ही हमशक्ल है वो जो मुझे सोने नही देता Mat poochh mere jaagane kee bajah ai-chaand Tera hee hamashakl hai vo jo mujhe sone nahee deta Shayari Chand Shayari Ham Shayari Love Shayari Shak Shayari
किसी का इंतज़ार नहीं करती, अपनी राह खुद बनाती हूँ, गिरूँ तो खुद उठती हूँ, हर मंज़िल खुद पाती हूँ। Sep 24, 2026