भटकते रहे हैं बादल की तरह

भटकते रहे हैं बादल की तरह

भटकते रहे हैं बादल की तरह,
सीने से लगालो आँचल की तरह,
गम के रास्ते पर ना छोड़ना अकेले,
वरना टूट जाएँगे पायल की तरह।


Bhatakte Rahe Hain Baadal Ki Tarah,
Seene Se Laga Lo Aanchal Ki Tarah,
Gham Ke Raste Par Na Chhodna Akele,
Varna Toot Jayenge Payal Ki Tarah.