बादे-फना फिजूल है नामोनिशां की फिक्र Admin / Aug 11, 2026 बादे-फना फिजूल है नामोनिशां की फिक्र बादे-फना फिजूल है नामोनिशां की फिक्र, जब हम नहीं रहे तो रहेगा मजार क्या? Baad-e-Fanaa Fizool Hai Naamo-Nishaan Ki Fikr, Jab Hum Nahi Rahe Toh Rahega Mazaar Kya. Shayari Maut Shayari
किसी का इंतज़ार नहीं करती, अपनी राह खुद बनाती हूँ, गिरूँ तो खुद उठती हूँ, हर मंज़िल खुद पाती हूँ। Sep 24, 2026