पाप सोच करती है जिस्म नहीं Mohit / Aug 11, 2026 पाप सोच करती है जिस्म नहीं पाप सोच करती है जिस्म नहीं.... गंगा जिस्म साफ़ करती है सोच नहीं.....!! Paap soch karatee hai Jism nahin.... Ganga jism saaf karatee hai Soch nahin.....!! Shayari Ganga Shayari Hindi Shayari
किसी का इंतज़ार नहीं करती, अपनी राह खुद बनाती हूँ, गिरूँ तो खुद उठती हूँ, हर मंज़िल खुद पाती हूँ। Sep 24, 2026