नींद भी नीलाम हो जाती है बाजार ए इश्क में Admin / Aug 11, 2026 नींद भी नीलाम हो जाती है बाजार ए इश्क में नींद भी नीलाम हो जाती है बाजार ए इश्क में.......... इतना आसान नही है किसी को भुलकर सो जाना. Neend bhee neelaam ho jaatee hai baajaar e ishk mein.......... Itana aasaan nahee hai kisee ko bhulakar so jaana. Shayari Bazar Shayari Bhul Shayari Neend Shayari Sad Shayari
किसी का इंतज़ार नहीं करती, अपनी राह खुद बनाती हूँ, गिरूँ तो खुद उठती हूँ, हर मंज़िल खुद पाती हूँ। Sep 24, 2026