न ग़रज़ किसी से, न वास्ता, मुझे काम अपने काम से Admin / Aug 11, 2026 न ग़रज़ किसी से, न वास्ता, मुझे काम अपने काम से न ग़रज़ किसी से, न वास्ता, मुझे काम अपने काम से, तेरे ज़िक्र से, तेरी फ़िक्र से, तेरी याद से, तेरे नाम से। Na Gharaz Kisi Se, Na Wasta, Mujhe Kaam Apne Kaam Se, Tere Zikr Se, Teri Fikr Se, Teri Yaad Se, Tere Naam Se. Shayari Kaam Shayari Teri Shayari Yaad Shayari