न किसी के दिल की हूँ आरजू Admin / Sep 14, 2021 न किसी के दिल की हूँ आरजू न किसी के दिल की हूँ आरजू, न किसी नज़र की हूँ जुस्तजू, मैं वो फूल हूँ जो उदास है, ना बहार आए तो क्या करूँ। Na Kisi Ke Dil Ki Hoon Aarzoo, Na Kisi Najar Ki Hoon Justjoo, Main Woh Phool Hoon Jo Udaas Hai, Na Bahaar Aaye Toh Kya Karoon. Shayari Sad Shayari