दिल पागल है रोज़ नई नादानी करता है

दिल पागल है रोज़ नई नादानी करता है

दिल पागल है रोज़ नई नादानी करता है,
आग में आग मिलाता है फिर पानी करता है।


Dil Pagal Hai Roj Nayi Nadani Karta Hai,
Aag Mein Aag Milata Hai Fir Pani Karta Hai.