दाग़-ए-दिल से भी रौशनी न मिली Admin / Aug 11, 2026 दाग़-ए-दिल से भी रौशनी न मिली दाग़-ए-दिल से भी रौशनी न मिली, ये दिया भी जला के देख लिया। Daag-e-Dil Se Bhi Roshni Na Mili, Ye Dil Bhi Jala Ke Dikh Liya. Shayari Dil Shayari
किसी का इंतज़ार नहीं करती, अपनी राह खुद बनाती हूँ, गिरूँ तो खुद उठती हूँ, हर मंज़िल खुद पाती हूँ। Sep 24, 2026